21/05/2026
रिपोर्ट : वरुण वैध
केंदुआ : कुसुंडा एरिया के गोधर 6 नंबर बस्ती में सोमवार को हुए खौफनाक भू-धंसान के चौथे दिन गुरुवार को स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। बीसीसीएल प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच पिछले तीन दिनों से जारी गतिरोध आखिरकार बातचीत और 'ग्राउंड जीरो' के दौरे के बाद कम हुआ। 8 परिवारों ने अग्नि प्रभावित क्षेत्र को छोड़कर बेलगड़िया टाउनशिप में बसने का फैसला किया है।गुरुवार सुबह कुसुंडा पीओ दिलीप कुमार टीम के साथ गोफ (जमीन में हुआ गड्ढा) भरने के लिए पेलोडर और बालू-मिट्टी लेकर पहुंचे थे। लेकिन बस्ती वालों ने काम रुकवा दिया। सिर्फ गड्ढा भरने से खतरा खत्म नहीं होगा, कुछ दिन बाद बगल की जमीन धंस जाएगी। हमें पक्का समाधान चाहिए। विरोध को देखते हुए अधिकारियों ने ग्रामीणों को बेलगड़िया स्थित नवनिर्मित आवास दिखाने का प्रस्ताव दिया।कुसुंडा एरिया की एचआर हेड योगिता सकलानी और प्रशासनिक अधिकारी देवाशीष बाग स्थानीय बस्ती के एक दल को लेकर बेलगड़िया पहुंचे। वहां की व्यवस्था, पक्के मकान और बुनियादी सुविधाएं देखकर ग्रामीणों का मन बदल गया।बस्ती की रहने वाली प्रिया झा ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा पहले मन में बहुत डर और हिचक थी कि वहां कैसे रहेंगे।लेकिन बेलगड़िया जाकर देखा तो वहां की व्यवस्था गोधर से कई गुना बेहतर है। अब मुझे वहां अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित दिख रहा है, इसलिए हमने तुरंत शिफ्ट होने का फैसला लिया।प्रबंधन ने मौके पर ही शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू करते हुए नए घर की चाभी उषा देवी,प्रिया झा,हीरा देवी,डोली झा,श्याम कुमार,शिवांगी झा,निकिता कुमारी,घनश्याम चौधरी को सौंपा.कुसुंडा जीएम एनबी त्रिवेदी ने इस सकारात्मक पहल का स्वागत किया है।उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार अब प्रबंधन का सहयोग कर रहे हैं। करीब 8 परिवारों ने चाभियां ले ली हैं और बाकी लोगों को भी सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए प्रबंधन वाहन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।