11/06/2026
रिपोर्ट : वरुण वैध
केंदुआ : गुरुवार को लाल हरा मैत्री के तर्ज पर झारखण्ड आंदोलन के अमर सेनानी शहीद रसिक हांसदा का 47 वॉ शहादत दिवस गोधर शहीद मैदान स्थित उनके समाधि स्थल पर मनाया गया.सर्व प्रथम सैकड़ो की संख्या उपस्थित लोगो ने लाल हरा के मैत्री के तहत गोधर शहीद मैदान से गोधर मोड़ तक जुलुस निकालकर गोधर मोड़ स्थित शहीद नेपाल रवानी के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया.शहीद रसिक हांसदा के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सर्व प्रथम शहीद के परिवार जनों सहित उनके पुत्र झामुमो के वरिष्ठ नेता महादेव हांसदा एवं पुत्रवधु सुलोचना देवी, पुत्र अभिराम हांसदा सहित पुरे परिवार जनों ने उन्हें भाव भिनी श्रद्धांजलि दी.उसके बाद टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो,हरि प्रसाद पप्पू आदि लोगो ने बारी बारी से माल्यअर्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया. टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा की युवा वर्ग यह सीखें क़ी संघर्ष के बल पर ही हम अपना हक अधिकार ले सकते है.आगे कहा क़ी लाल हरा झंडा जितना मजबूत होगा उतना संघर्ष तेज होगा. इसी झंडे के नीचे शहीद रसिक हांसदा ने अपना शहादत दिया था.उन्होंने कहा की सरकार विस्थापितों के पूनर्वास और अधिकारों के लिए ठोस कदम उठाये.रसिक हांसदा के स्मृति में स्मारक और कल्याण योजनाएं शुरू किया जाय.कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बीसीकेयू के संयुक्त महामंत्री हरि प्रसाद पप्पू ने कहा की रसिक हांसदा का शहादत बिसुद्ध रूप से जल जंगल जमीन की लडाई के लिए हुआ था.ये आंदोलन पूरे झारखंड मे एक अनोखा आंदोलन हुआ था जिसमे मजदूर वर्ग के नेतृत्व मे ग्रामीणों का आंदोलन चला था.आज भी ये लडाई जारी है शहादत दिवस पर आज हमलोग यही संकल्पित है.उनकी सहादत एक प्रेरणादायक प्रतीक बन गई है. प्रधानमंत्री सिर्फ अपनी डफली अपना राग गाने में व्यस्त हैं.आने वाले समय पर एक विशाल आंदोलन माफिया, आउटसोसिंग ओर प्रसाशन के खिलाफ किया जाएगा.झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता सह शहीद के पुत्र महादेव हांसदा ने कहा क़ी गोधर कि धरती पर रसिक हांसदा ने विस्थापितो का जो लड़ाई लड़ा था वो कभी भी भूलया नहीं जा सकता.उन्होंने ग्रामीणों को गोलबंद कर आवाज उठाना सिखाया और ग्रामीणों के अंदर संघर्ष के ताकत को तेज किया था.झामुमो के केंद्रीय सदस्य नीलम मिश्रा ने कहा की शहीद रसिक हासदा जी एक ऐसे व्यक्ति थे जो अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़े थे.आज हमलोगो को इसे सीखने और प्रेरणा लेने की जरूरत है. जिस लड़ाई को रसिक हासदा जी ने लड़ा था हक ओर अधिकार के लिए युवाओ के भविष्य के लिए हमसबको मिलकर लड़ाई लड़नी होंगी इसका संकल्प लेना होगा.वही केदुआडीह इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पाण्डेय कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर शहीद क़ो श्रद्धांजलि दी. कार्यक्रम का संचालक नंदलाल महतो ने किया.श्रद्धांजलि सभा में भूषण महतो,अखलेश महतो, विवेक कुमार,जिला उपाध्यक्ष अजय रवानी ,जिला अध्यक्ष लखी सोरेन,,अजय रवानी,संतोष रवानी, अशोक राम, धर्म बाउरी, सुभाष चटर्जी, बिजय पासवान, उमाशंकर चौहान, मन्नू आलम, अखलेश महतो, अविनाश महतो,किशोर मुर्मू, कुलवंत सिंह, जीतेन्द्र पासवान, दिनेश महतो आदि उपस्थित थे.