08/06/2026
रिपोर्ट : वरुण वैध
धनबाद : जन संगठनों के साझा मंच द्वारा बुधवार को प्रेमचंद नगर धनबाद में झारखंड जनउत्सव 2026 का जिला स्तरीय संचालन समिति का गठन किया गया।वक्ताओं ने कहा कि आज झारखंड की पारंपरिक कला-संस्कृति पर चौतरफा प्रहार हो रहे हैं। विस्थापन के कारण जहाँ माटी से जुड़ी कलाएँ लुप्त हो रही हैं, वहीं समाज में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और धार्मिक विभाजन पैदा करके सदियों पुरानी आपसी एकता, साझा संस्कृति तथा भाईचारे को तोड़ने की सोची-समझी कोशिशें की जा रही हैं। यहाँ की कला-संस्कृति के ऐतिहासिक, क्रांतिकारी व जुझारू लोक-इतिहास को दबाकर, इसे महज व्यावसायिक मनोरंजन का साधन बनाया जा रहा है। साथ ही, अनूठी शिल्पकलाओं का आर्थिक शोषण जारी है। एक तरफ स्थानीय भाषाओं और सामूहिकता की भावना को कमजोर किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ पारंपरिक स्वशासन प्रणालियों को भी एक साजिश के तहत ध्वस्त किया जा रहा है।इसी पृष्ठभूमि में, संघर्षरत "जन संगठनों के साझा मंच" ने राज्य की समावेशी कला-संस्कृति और समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने का उत्तरदायित्वपूर्ण संकल्प लिया है। झारखंड के ऐतिहासिक गौरव और सांस्कृतिक अस्मिता को बुलंद करने के उद्देश्य से "झारखंड जन उत्सव" का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से अतीत और वर्तमान की जन-प्रतिभाओं का संधान, समागम और सम्मान करेंगे। यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक चेतना के सशक्तिकरण, बहुलता में एकता और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए चलाया जाने वाला एक व्यापक वैचारिक जन-अभियान साबित होगा।बैठक की अध्यक्षता करते हुए रानी मिश्रा ने बताया कि पूरे जिले में 15 नवंबर शहीद बिरसा जयंती तक यह कार्यक्रम चलाया जाएगा, प्रखंड और अंचल स्तर पर भी संचालन समिति गठित की जायेगी बैठक का संचालन विकास कुमार ठाकुर ने किया।21 सदस्यीय संचालन समिति का चुनाव किया गया जिसमें परशुराम महतो संयोजक, भारत भूषण सह संयोजक चुने गए। इस अवसर पर रवि सिंह, भोला नाथ राम, रामकृष्ण पासवान, स्वपन मांजी, संतोष कुमार महतो, लीलामय गोस्वामी, नौशाद अंसारी, परेश बाउरी, याशिम अंसारी, अशोक कुमार, प्रजा पासवान, अधिवक्ता गौरांगो प्रमाणिक, सूर्य कुमार सिंह, जितेंद्र निषाद आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।