17/12/2025
रिपोर्ट : वरुण वैध
केंदुआ : केंदुआडीह गैस रिसाव कांड को लेकर मंगलवार से बीसीसीएल द्वारा प्रभावित क्षेत्र में बोरहोल का काम पूरा कर लिया गया है. कर नाइट्रोजन गैस डालने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी पूरी कर लिया गया है.गुरुवार को नाइट्रोजन गैस डालने की प्रक्रिया वैज्ञानिकों की टीम करेगी. गैस को नियंत्रित करने के इस संवेदनशील कार्य में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, सीएमपीडीआई, सिंफर समेत कई वैज्ञानिक संस्थानों की विशेषज्ञ टीमें जुटी हुई हैं.बुधवार को धनबाद विधायक राज सिन्हा अपने समर्थकों के साथ बोरहोल स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे.उन्होंने मौके पर मौजूद सिंफर सहित अन्य विशेषज्ञों से बातचीत कर कार्य की प्रगति और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली.इस दौरान विधायक राज सिन्हा ने कहा कि यह एक अत्यंत संवेदनशील मामला है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.सरकार के हस्तक्षेप के बाद अब ठोस निर्णय लिया गया है.बोरहोलिंग कार्य में लगे विशेषज्ञों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही गैस पर पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा.उन्होंने बताया कि जिस स्थल पर बोरिंग की जा रही है, वहां मीथेन गैस की अधिक मात्रा पाई गई है.यदि इस प्रयास में सफलता मिलती है, तो आगे दो से तीन अन्य स्थानों पर भी इसी तरह बोरहोल कर गैस नियंत्रण का कार्य किया जाएगा.गैस निकासी का कार्य तेजी से चलने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है.साथ ही गैस का पीपीएम स्तर भी काफी हद तक कम हुआ है.विस्थापन के मुद्दे पर विधायक ने कहा कि पहले गैस पर पूरी तरह काबू पाना प्राथमिकता है, उसके बाद विस्थापन पर चर्चा की जाएगी.उन्होंने कहा कि यहां के लोग पीढ़ी दर पीढ़ी इस क्षेत्र में रह रहे हैं और उनकी सबसे बड़ी समस्या रोजगार की है.किसी साजिश के तहत लोगों को हटाना उचित नहीं है.सरकार को चाहिए कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा और सुरक्षित पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए.वहीं वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि कार्य निरंतर प्रगति पर है और जल्द ही गैस रिसाव पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया जाएगा.