भुली आजाद नगर निवासी राइडर रजत कुमार सहित रंजन गुप्ता रायल इनफिल्ड बाइक से 5200 किलो मीटर की दुरी करके पहुंचे भुली नगर!
भुली/धनबाद: आज रोटी बैंक सदस्यों की एक ऐसे युवा जोड़ी जांबाजों के बारे में कहानी बयां कर रहा हैं। जिनकी जितनी भी सराहना की जाए वो कम हैं। इन दोनों युवाओं ने यह साबित किया कि अगर हिम्मत हो तो कोई भी राह मुश्किल नहीं हैं!
भुली आजाद नगर निवासी राइडर रजत कुमार सहित रंजन गुप्ता ने रायल इनफिल्ड बुल्लेट बाइक से 5200 किलोमीटर की दुरी तय कर भुली नगर पहुंचे। जहां ए ब्लाक र्दुगा मंडप प्रांगण में पार्षद प्रत्याशी गामा ने फुल माला पहनाकर उनका किया स्वागत।
बताते चलें कि दोनों युवा आपस में मित्र के साथ ही दोनों रोटी बैंक युथ क्लब के सदस्य भी हैं।उन्होंने बताया कि हमलोग बेंगलुरु से 14 दिसंबर 2025 को पुणे के लिए निकले। एक दिन पुणे में आराम कर के 16 दिसंबर 2025 को हमलोग पुणे से भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग दर्शन करके ग्रीसनेईश्वर ज्योतिर्लिंग की ओर गए। रात होने के वजह से हमने रास्ते में एक होटल में विश्राम किया। इसके बाद हमने ग्रीसनेश्वर ज्योतिर्लिंग सहित त्रियंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का भी दर्शन किया। फिर उसी दिन हम-दोनों सूरत अपने मित्र के पास गए। वहा रात्री मे विश्राम कर के अगले दिन सुबह 9:00 बजे सूरत के हाजीरा से फेरी लेकर गुजरात के घोघा दोपहर 1:00 बजे पहुंचे और फिर वहा से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पास रात्री मे होटल मे विश्राम किया। इसके बाद 19 दिसंबर को सुबह सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की दर्शन करने के बाद हम लोग गुजरात के द्वारका पहुंचे और वहां रात्री को होटल में विश्राम किया। 20 दिसंबर को हमने द्वारकाधीश प्रभु जी का दर्शन किया और फिर वहां से नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का भी दर्शन किया। फिर वहां से गुजरात के मरावी मे हमने अपने मित्र के पास रात्री मे विश्राम किया। फिर 21 दिसंबर को मरावी से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के ओर रावना हुए। रात होने की वजह से और सड़क मे बड़े बड़े गड्ढे होने के कारण बाइक मे ख़राबी हो गई। जिसके बाद हमने गुजरात और मध्य प्रदेश के बॉर्डर एरिया होटल मे विश्राम किया। इसके बाद ओंकारेश्वर पहुंच कर ज्योतिर्लिंग का दर्शन किया 23 दिसंबर को ओंकारेश्वर से उज्जैन गए और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और काल भैरव महाराज का दर्शन किया। फिर 26 दिसंबर 2025 को हमलोग वाराणसी से पटना अपने मित्र के पास उनसे मिलने गए। एक दिन पटना में विश्राम करने के बाद हम 28 दिसंबर 2025 को पटना से धनबाद भूली आकर अपनी यात्रा का समाप्ति किया।
दोनों युवाओं ने कहा कि महाकाल की कृपा से हमारी ये यात्रा काफी मंगलमय रही। साथ ही रास्ते में बहुत सारी कठिनाईयों का सामना भी करना पड़ा। पर भुली पहुंच कर जो सम्मान मिला उससे सारी थकावट दुर हो गई।