05/01/2026
रिपोर्ट : वरुण वैध
केंदुआ : धनबाद सिविल कोर्ट ने 18 वर्ष पुराने एक दीवानी वाद का निपटारा करते हुए वादी के पक्ष में फैसला सुनाया है.अपर सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन)-12, धनबाद की अदालत ने टाइटल सूट संख्या 58/2007 में वादी जगदीश हरि के दावे को सही मानते हुए प्रतिवादी महेश नोनिया के विरुद्ध डिक्री पारित की है.अदालत ने अपने आदेश में कहा कि वादी ने वाद से संबंधित अपना अधिकार एवं दावा प्रमाणित कर दिया है.सुनवाई के दौरान सभी प्रमुख मुद्दों पर विचार करने के बाद न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि वादी वादग्रस्त संपत्ति के संबंध में डिक्री पाने का हकदार है.न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वाद की प्रकृति को देखते हुए किसी भी पक्ष को वाद-व्यय (कॉस्ट) नहीं दिया जाएगा और दोनों पक्ष अपना-अपना खर्च स्वयं वहन करेंगे.इसके साथ ही औपचारिक डिक्री तैयार करने का निर्देश दिया गया है.यह फैसला 27 नवंबर 2025 को खुले न्यायालय में सुनाया गया.वादी की ओर से अधिवक्ता पी.एन. गिरी तथा प्रतिवादी की ओर से अधिवक्ता सुबोध पांडेय ने पक्ष रखा.इस आदेश के बाद जगदीश हरि ने अपने पक्ष की भूमि पर विधिवत पूजा कर काम आरम्भ किया.और न्यायालय का आभार व्यक्त करते हुए खुशी जाहिर करते हुए कहा की हमें न्यायालय पर भरोसा था और न्यायालय से आज हमको न्याय मिला है.और अपने हक की लड़ाई लोगो को लड़नी चाहिए.