27/04/2026
धनबाद : सबलपुर स्थित ओल्ड ऐज होम में सोमवार को एक भावुक कर देने वाला और प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला। जहां अक्सर बेटे अपने मां-बाप को छोड़कर चले जाते हैं, वहीं आज एक बेटा और बेटी अपनी मां को वापस घर ले जाने के लिए आश्रम पहुंचे। इस अनोखी पहल ने वहां मौजूद सभी लोगों के चेहरे पर खुशी ला दी।सबलपुर के इस ओल्ड ऐज होम में आज का दिन खास बन गया, जब मैमुन खातून को उनके बेटे और बेटी अपने घर ले जाने के लिए आश्रम पहुंचे। यह दृश्य वहां रह रहे अन्य बुजुर्गों के लिए भी भावुक कर देने वाला था।आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों ने कहा कि काश उनके बच्चे भी उन्हें इसी तरह वापस घर ले जाते। इस घटना ने सभी के दिलों को छू लिया।आश्रम के अध्यक्ष नौशाद गद्दी ने मैमुन खातून और उनके परिजनों का सोल ओढ़ाकर और गुलाब फूल देकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह दूसरा मौका है जब उन्होंने किसी बेटे को अपनी मां को वापस घर ले जाते देखा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे उदाहरण और भी देखने को मिलें। उन्होंने कहा आज बहुत खुशी का दिन है। अक्सर यहां लोग अपने मां-बाप को छोड़ जाते हैं, लेकिन आज एक बेटा अपनी मां को वापस घर ले जाने आया है। हम उसका दिल से धन्यवाद करते हैं।मौके पर मौजूद झरिया थाना के एएसआई जितेंद्र कुमार ने कहा- "मैं पहली बार ऐसा दृश्य देख रहा हूं कि कोई बेटा अपनी मां को आश्रम से वापस घर ले जाने आया है। यह समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है।इस पहल ने न सिर्फ आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के दिलों को छुआ, बल्कि समाज को भी एक नई दिशा देने का काम किया है। जहां रिश्तों की अहमियत और अपनों के प्रति जिम्मेदारी को फिर से याद दिलाया गया।वही मौके पर आश्रम के अध्यक्ष नौशाद गद्दी आश्रम के सह सचिव सुरेंद्र यादव,बाबू सोरेन, सोनी जी, श्यामल दास सहित अनेकों लोग उपस्थित थे