19/05/2026
कतरास : अवैध कोयला तस्करों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच चूहे-बिल्ली का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा था. अपनी काली करतूतों को छुपाने के लिए तस्कर हर दिन नए-नए जुगाड़ अपना रहा था.ताजा मामला ईस्ट बसुरिया ओपी क्षेत्र के आजाद चौक स्थित ग्राउंड का है. जहां तस्करों ने कार्रवाई से बचने के लिए एक बेहद अनोखा और नया पैंतरा आजमाया.हालांकि,सीआईएसएफ की मुस्तैदी ने उनके इस मंसूबे पर पानी फेर दिया।
👉शादी वाले टेंट की आड़ में 'काला खेल'*
अब तक पुलिस और सुरक्षा बलों की आंखों में धूल झोंकने के लिए तस्कर अमूमन 'डिजिटल कैमलाज' या 'हरे रंग के पर्दों' (नेट) का इस्तेमाल करते थे. लेकिन इस बार आजाद चौक के ग्राउंड में तस्करों ने हाई-टेक होने के बजाय देसी जुगाड़ निकाला.उन्होंने ग्राउंड के चारों ओर शादी-विवाह के पंडालों में इस्तेमाल होने वाले रंग-बिरंगे टेंट के कपड़े तान दिए थे.
👉कैसे होता था खेल?
बाहर से देखने पर ऐसा लगता था जैसे कोई सामाजिक या पारिवारिक आयोजन होने वाला है, लेकिन इस रंग-बिरंगे टेंट के पीछे का सच बेहद 'काला' था। पर्दे की आड़ में धड़ल्ले से अवैध कोयले की बड़ी खेप ट्रकों में लोड की जा रही थी, ताकि किसी को भनक न लगे।
> CISF ने किया भंडाफोड़**
तस्करों की यह चालाकी ज्यादा दिनों तक टिक नहीं सकी. गुप्त सूचना के आधार पर सीआईएसएफ की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आजाद चौक स्थित ग्राउंड पर छापेमारी कर दी.अचानक हुई इस कार्रवाई से तस्करों के बीच हड़कंप मच गया.सीआईएसएफ ने टेंट के पीछे चल रहे इस पूरे अवैध नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है.फिलहाल, सुरक्षा बल इस बात की जांच कर रहे हैं कि इस नए तरीके के पीछे किन-किन बड़े तस्करों का हाथ है और यह अवैध कोयला कहां खपाया जा रहा था.स्थानीय ईस्ट बसुरिया ओपी पुलिस भी मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.