19/05/2026
रिपोर्ट : वरुण वैध
पुटकी : पुटकी 17 नंबर निवासी छोटू पासवान ने मंगलवार की देर शाम अपने आवास पर प्रेसवार्ता कर घर में दरार पड़ने और पुनर्वास नहीं होने का आरोप लगाया.उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह करीब छह बजे जोरदार आवाज के साथ उनके घर के दो कमरों तथा बाहर बने सीमेंटेड सड़क मार्ग में दरार पड़ गई. घटना के बाद परिवार के सभी आठ सदस्य भयभीत होकर घर से बाहर निकल गए.छोटू पासवान ने कहा कि वे लोग मामले की शिकायत लेकर एसटीजी आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रबंधन के पास गए, लेकिन कोई अधिकारी नहीं मिला.इसके बाद पूरा परिवार मजबूरन पुटकी 13 नंबर स्थित खाली पड़े बीसीसीएल क्वार्टर में रहने चला गया.उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधक के द्वारा हेवी ब्लास्टिंग होने के बाद घर का पुर्नवास के लिए बोला गया था जिसमे हमलोग घर के बदले घर की माँग की थी मगर पिछले दो वर्षों से वे लोग सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.उन्होंने कहा कि करकेंद गांधी ग्राम में पुनर्वास की बात कही गई थी, लेकिन वहां चारों ओर धूल और ढुलकन की समस्या है. छोटू पासवान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिना सुरक्षित पुनर्वास के उन्हें वहां से हटाने या झूठे मामले में फंसाने का प्रयास किया गया, तो पूरा परिवार आत्मदाह करने को मजबूर होगा.प्रेसवार्ता में मौजूद समाजसेवी शंभु पासवान ने कहा कि गरीब और मजबूर लोगों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि दो वर्षों से परिवार पुनर्वास की मांग कर रहा है, लेकिन कंपनी और बीसीसीएल ने कोई ठोस पहल नहीं की. उन्होंने कहा कि यदि आउटसोर्सिंग कार्य चालू रहता और भारी ब्लास्टिंग होती, तो मकान कभी भी ढह सकता था.इधर बीसीसीएल गोपालीचक के परियोजना पदाधिकारी ने बताया कि संबंधित क्वार्टर कंपनी के नाम आवंटित है.घटना की जानकारी मिली है और मामले की जांच की जा रही है.वहीं आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रबंधक हरिहर चौहान ने कहा कि एक परिवार ने क्वार्टर का ताला तोड़कर कब्जा कर लिया है. उन्होंने बताया कि उक्त क्वार्टर में पहले से ही कंपनी के 11 मजदूर रह रहे है ,जिनमें फिलहाल तीन मजदूर अभी रह रहे हैं.बाकी छूटी पर है.घटना के समय सभी तीन मजदूर ड्यूटी पर गए हुए थे.उन्होंने कहा कि क्वार्टर बीसीसीएल द्वारा कंपनी को आवंटित है तथा कंपनी नियमित रूप से किराया और बिजली बिल का भुगतान करती है.प्रबंधक ने बताया कि पुनर्वास की जिम्मेदारी बीसीसीएल की है और फिलहाल परिवार को क्वार्टर खाली करने को कहा गया है, क्योंकि वहां मजदूरों का सामान एवं मजदूर रहते है.